ग्राम पंचायत में सतत शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
विषय: महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
दिनांक: 12 मार्च 2026
मिशन शक्ति कै तहत आज परियोजना देपालपुर के धननड ग्राम पंचायत मे महिलाओं के अधिकारों, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज __धननड पनचायत_में महिला सशक्तिकरण विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में उपस्थित जनपद सदसय भोपाली जी ने कहा कि आज के समय में महिलाओं का सशक्त होना समाज और देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी महोदय सतीश गंगराडे उपस्थित महिलाओं को सरकारी योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया और अपने विचार भी साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
_पर्यवेक्षक मीता ओझा ने
कार्यक्रम का उद्देश्य बताया जो कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम मे महिलाओं को पोषण, स्वच्छता,
तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर वे अपने परिवार और बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकती हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत की महिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में लगभग 90 बालिकाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को सतत शिक्षा के महत्व, कौशल विकास तथा स्वरोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ाना था। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित बालिकाओं एवं महिलाओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं स्थानीय महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।





Comments
Post a Comment