*थाना प्रभारी कुक्षी राजेश यादव रुस्तम जी अवार्ड से होंगे सम्मानित:उत्कृष्ट पुलिसिंग के लिए मिला सम्मान, 50 हजार की राशि और प्रशस्ति पत्र मिलेगा* धार जिले से पुलिस थाना कुक्षी के थाना प्रभारी राजेश यादव को रुस्तम अवार्ड को चयनित किया गया है मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को केएफ रुस्तम जी पुरस्कार की घोषणा की है। इसमें थाना प्रभारी कुक्षी राजेश यादव को केएफ रुस्तम जी पुरस्कार-2024 के लिए चयन किया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय द्वारा घोषित सम्मान के तहत 50 हजार रुपए नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस का रुस्तम जी पुरस्कार उत्कृष्ट और अनुकरणीय पुलिस सेवा, प्रभावी नेतृत्व, नवाचार, कर्तव्यनिष्ठा व पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। थाना प्रभारी कुक्षी राजेश यादव अपने उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल, अनुशासित कार्यशैली, अपराध नियंत्रण में प्रभावी भूमिका, कानून-व्यवस्था संधारण और जनोन्मुखी पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल में अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को ...
अमेरिका-ईरान तनाव-समझौते और युद्ध के बीच झूलती दुनियाँ ट्रंप की बदलती रणनीति और वैश्विक भू-राजनीति का नया संकट -समग्र व्यापक विश्लेषण
अमेरिका-ईरान तनाव-समझौते और युद्ध के बीच झूलती दुनियाँ ट्रंप की बदलती रणनीति और वैश्विक भू-राजनीति का नया संकट -समग्र व्यापक विश्लेषण अमेरिका की अधिकतम दबाव और सौदेबाजी की रणनीति, ईरान भी पूरी तरह झुकने को तैयार नहीं युद्ध की ओर बढ़ते कदम से दुनियाँ डरी अमेरिका ईरान अब दो देशों का विवाद नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार,परमाणु प्रसार, महाशक्ति प्रतिस्पर्धा और विश्व अर्थव्यवस्था का प्रश्न बन चुका है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच चल रहा वर्तमान टकराव 2026 की सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाओं में से एक बन चुका है। स्थिति इतनी जटिल हो गई है कि एक तरफ दोनों देश वार्ता की मेज पर बैठे दिखाई देते हैं, जबकि दूसरी तरफ सैन्य दबाव,आर्थिक प्रतिबंध, नौसैनिक नाकाबंदी और युद्ध की चेतावनियां लगातार जारी हैं। पूरी दुनियाँ की नजर इस संकट पर टिकी हुई है क्योंकि यह केवल दो देशों का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार, परमाणु प्रसार, महाशक्ति प्रतिस्पर्धा और विश्व...