बदनोरा परिवार सादलपुर की अनुकरणीय पहल। इतिहास रच दिया सादलपुर /हाल ही में नगर के क्षत्रिय कुशवाह समाज के शिवनारायण बदनोरा ने अपनी लाड़ली का विवाह संस्कार बेटे जेसा कर के इतिहास रच दिया। रात्रि में सौ कां मोहिनी को महारानी लक्ष्मीबाई जैसी वेश भूषा में दूल्हे के रूप में घोड़ी पर सवार किया प्रमुख मार्गों से बनोला निकाला गया बड़ी संख्या में नागरिकों एवं मातृ शक्ति की गरिमा मय उपस्थिति रही।देर रात तक नाचते थिरकते युवक युवतियों का उत्साह देखते ही बनता था। सादलपुर में पहली बार किसी लाड़ली को इस तरह की वेशभूषा में बनोला निकाला गया।वधू के माता-पिता ने बचपन से ही वधू मोहिनी को पुत्र जैसा पाला है।चल समारोह में रामभरोसे वर्मा पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी जिला धार, रतनलाल बदनोरा,विजय सोनगरा,...
पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां -समग्र व्यापक विश्लेषण
पश्चिम बंगाल में जनादेश 2026- सत्ता का नया सवेरा -9 मई 2026 रबिन्द्रनाथ टैगोर की जयंती: नई सरकार का शपथ ग्रहण -कई गंभीर चुनौतियां -समग्र व्यापक विश्लेषण जनादेश 2026-नई सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह अपने वादों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू करे, ताकि जनता का विश्वास बना रहे जब कोई नेतृत्व जनता की अपेक्षाओं से दूर जाने लगता है या उसे हल्के में लेने की भूल करता है, तो वही जनता उसे सत्ता के शिखर से नीचे लाने में देर नहीं करती -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण लोकतंत्र में चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि वे जनता की सामूहिक चेतना, राजनीतिक परिपक्वता और शासन के प्रति अपेक्षाओं का प्रत्यक्ष प्रतिबिंब होते हैं।4 मई 2026 को आए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर यह स्थापित कर दिया कि लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के हाथ में ही निहित होती है। जब कोई नेतृत्व जनता की अपेक्षाओं से दूर जाने लगता है या उसे हल्के में लेने की भूल करता है, तो वही जनता उसे सत्ता के शि...