*भामाशाहों का गौरवपूर्ण योगदान – शिक्षा के मंदिर को नई ऊर्जा*
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेटमा, नगर का सबसे प्राचीन एवं गौरवशाली शिक्षण संस्थान है। इस
ऐतिहासिक विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए वर्षों से कक्षों की भारी कमी महसूस की जा रही थी। वर्तमान कक्ष अत्यंत जर्जर एवं अति प्राचीन हो चुके हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ऐसे में नए कक्षों के निर्माण का संकल्प विद्यालय परिवार द्वारा लिया गया। इस संकल्प को साकार करने में जो नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया है,वह है,आदरणीय श्री कैलाशचंद्र जी तिवारी,अधीक्षक SC/ST हॉस्टल, बेटमा ने पूर्व में आपने अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय वंदना तिवारी जी की पुण्य स्मृति में ₹21,000/- का उदार दान प्रदान कर इस पावन कार्य की नींव को सशक्त किया।
जब आपने विद्यालय के व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से यह जाना कि निर्माण कार्य हेतु अभी और सहयोग की आवश्यकता है, तो आपने बिना किसी आग्रह के,स्वयं आगे बढ़कर ₹30,000/- का अतिरिक्त दान प्रदान किया। इस प्रकार आपका कुल योगदान ₹51,000/-हो गया, और आप इस निर्माण कार्य के सबसे बड़े दानदाता (भामाशाह) रहे। इसके अलावा नगर के शिक्षकों, व्यवसायियों, गण मान्य नागरिकों महान योगदान दिया। यह निर्माण केवल ईंट-पत्थरों का निर्माण नहीं है, बल्कि यह सैकड़ों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। आपने अपने इस पुनीत कार्य से यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है,जो समाज और शिक्षा के उत्थान में लगे।विद्यालय परिवार आपके इस अतुलनीय, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी योगदान के लिए हृदय से नमन करता है।
आपका नाम विद्यालय के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में सदैव अंकित रहेगा।



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