राखी पर बहनों को 48 घंटे बसों में मुफ्त सफर
राखी पर बहनों को 48 घंटे बसों में मुफ्त सफर
इंदौर से भोपाल सहित सभी प्रमुख इंटरसिटी मार्गों पर बिना शुल्क चुकाए बहनें कर सकेंगी सफर
27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त सुबह 6 बजे तक सुविधा
रोजाना 150 से ज्यादा फेरे, हजारों महिला यात्रियों को लाभ
इंदौर। रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर अपने भाई को राखी (Rakhi) बांधने जाने वाली बहनों के लिए अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (AICTCL) की इंदौर (Indore) से प्रमुख इंटरसिटी मार्गों पर संचालित चार्टर बसों (Charter buses) में महिलाओं को 48 घंटे तक मुफ्त सफर की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की सुबह 6 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान महिलाओं को बस का किराया नहीं देना होगा।
एआईसीटीएसएल की चार्टर बसों में पहली बार रक्षाबंधन पर लगातार 48 घंटे के लिए इंटरसिटी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है इससे इंदौर से जाने और इंदौर आने वाली बहनों को बड़ी राहत मिलेगी। एक और जहां त्योहार पर निजी बस संचालक किराया बढ़ा देते हैं वहीं दूसरी ओर चार्टर बस द्वारा महिलाओं को मुफ्त सफर देकर एक नई मिसाल पेश की जा रही है। चार्टर की रोजाना 150 से ज्यादा बसों के फेरे होते हैं, जिससे रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में बहनों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
इन प्रमुख मार्गों पर मिलेगा लाभ
इन चार्टर बसों से इंदौर से भोपाल, सागर, उज्जैन, खरगोन, धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, गुना, अशोकनगर और ब्यावरा सहित प्रमुख इंटरसिटी मार्गों पर यात्रा करने वाली महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी।
सिटी बसों में भी मुफ्त सफर
रक्षाबंधन पर एआईसीटीएसएल की ओर से शहर में संचालित सिटी बसों में भी महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा दी जाती रही है। हालांकि, एआईसीटीएसएल ने अभी तक इस संबंध में औपचारिक घोषणा नहीं की है। औपचारिक आदेश जारी होने के बाद ही इस सुविधा की अवधि और नियम स्पष्ट होंगे।
40 प्रतिशत होती हैं महिलाएं
चार्टर बस के प्रमुख कैलाश चौहान ने बताया कि आम दिनों में इन बसों से रोजाना करीब 5 से 6 हजार यात्री सफर करते हैं। त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढक़र 8 से 9 हजार प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक रहती है। ऐसे में रक्षाबंधन के 48 घंटे में हजारों महिलाओं को बिना किराया चुकाए अपने भाई-बहनों तक पहुंचने का मौका मिलेगा। इस पहल से खास तौर पर उन महिलाओं को राहत मिलेगी, जिन्हें त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ और अतिरिक्त यात्रा खर्च के बीच अपने मायके जाना होता है।


Comments
Post a Comment