बेटमा के ग्रामीण क्षेत्र की बेटी ने मेहंदी से लिख दी हनुमान चालीसा लीसा,इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में हुआ नाम दर्ज
बेटमा के ग्रामीण क्षेत्र की बेटी ने मेहंदी से लिख दी हनुमान चालीसा,इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में हुआ नाम दर्ज
बेटमा के दौलताबाद की कुमारी सोना धाकड़ पिता मोहन धाकड़ ने श्री हनुमान जी की भव्य आकृति के साथ संपूर्ण श्रीहनुमान चालीसा को मेहंदी कोन से सफेद कपड़े पर मात्र 11 घंटे 34 मिनट में 12.5 फीट लंबे कपड़े पर लिखकर India Book of Records 2027 में अपना नाम दर्ज कराया है। कुमारी सोना धाकड़ ने कहा कि यह उपलब्धि मेरे लिए बहुत गर्व और खुशी का क्षण है। मैं सभी युवाओं, विशेषकर बेटियों से कहना चाहती हूँ कि अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से मेहनत करते हैं और खुद पर विश्वास रखते हैं, तो कोई भी सपना असंभव नहीं है। परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, मेहनत और लगन एक दिन आपको आपकी मंज़िल तक ज़रूर पहुँचाती हैं।
इस रिकॉर्ड को बनाने के पीछे मेरी आस्था, धैर्य और निरंतर मेहनत रही। इतने बड़े कार्य के लिए एकाग्रता और आत्मविश्वास बनाए रखना आसान नहीं था, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मेरे माता-पिता और परिवार ने हर कदम पर मेरा हौसला बढ़ाया, जिसके लिए मैं उनकी बहुत आभारी हूँ।
मैं सभी युवाओं, विशेषकर बेटियों से कहना चाहती हूँ कि अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से मेहनत करते हैं और खुद पर विश्वास रखते हैं, तो कोई भी सपना असंभव नहीं है। परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, मेहनत और लगन एक दिन आपको आपकी मंज़िल तक ज़रूर पहुँचाती हैं।
मैं आगे भी ऐसे कार्य करती रहूँगी, जिनसे अपने परिवार, गाँव, जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकूँ। मेरी सफलता यदि किसी एक व्यक्ति को भी अपने सपनों के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देती है, तो मैं इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानूँगी।
मैं विशेष रूप से अपनी बहनों और बेटियों से कहना चाहती हूँ कि कभी भी खुद को किसी से कम मत समझिए। हर लड़की के अंदर एक अनोखी प्रतिभा होती है, बस उसे पहचानने और निखारने की जरूरत होती है। अगर मैंने अपने छोटे से गाँव से निकलकर India Book of Records में अपनी पहचान बना सकती हूँ, तो आप भी अपने सपनों को मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ ज़रूर पूरा कर सकती हैं।
मेरा सपना सिर्फ अपना नाम रोशन करना नहीं था, बल्कि यह भी है कि मेरी सफलता देखकर अधिक से अधिक लड़कियाँ आगे बढ़ने का साहस करें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करें। मैं चाहती हूँ कि मेरी यह उपलब्धि हर बेटी के लिए प्रेरणा बने और वह यह विश्वास करे कि मेहनत और लगन से कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।
मेरा मानना है कि जब एक बेटी आगे बढ़ती है, तो वह केवल अपना नहीं, बल्कि अपने परिवार, समाज और पूरे देश का सम्मान बढ़ाती है।
बेटी सोना धाकड़ की इस उपलब्धि पर परिजनों और समाज को गर्व है । साथ ही बेटमा एवं तहसील का नाम रोशन करने वाली इंदौर जिले से मध्यप्रदेश की बेटी को खोजी नजर न्यूज परिवार, प्रेस क्लब बेटमा एवं स्नेह जनो की ओर से हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं






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