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कूटनीति में महिलाओं का 3 रा अंतर्राष्ट्रीय दिवस 24 जून 2025 -कूटनीति ,राजनीति व सैन्य पदानुक्रम में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की कमी है

 कूटनीति में महिलाओं का 3 रा अंतर्राष्ट्रीय दिवस 24 जून 2025 -कूटनीति ,राजनीति व सैन्य पदानुक्रम में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की कमी है  नारीवाद नेतृत्व को,एक प्रमुख सिद्धांत के रूप में स्थापित करना ज़रूरी  शांति,सुरक्षा,सतत विकास और सभी के लिए मानवाधिकार हासिल करने संबंधी उच्च पदों पर महिलाओं की समान भागीदारी अनिवार्य होना समय की मांग  बहुपक्षीय एजेंडे को आकार देने वाले व प्रमुख निर्णय लेने और नेतृत्व के पदों पर महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व का मैं समर्थक हूं-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर सर्वविदित है कि पूरी दुनियाँ में ऐतिहासिक रूप से कूटनीति पुरुषों का ही आधिपत्य रहा  है, महिलाओं ने सदियों से कूटनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,फिर भी उनके योगदान को अक्सर नजरअंदाज कर दिया गया है,जो रेखांकित करने वाली बातहै। रविवार 22 जून 2025 को मीडिया के हर प्लेटफार्म पर हमने देखे कि अमेरिका ने ईरान में करीब तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया जिससे तीसरे विश्व युद्ध का आगाज़ होने की संभावना बढ़ गई है, वर्तमान में हम देख रहे है...

एक देश के प्रधानमंत्री का फोन कॉल लीक-तख़्ता पलट की आशंका-सियासी घमासान- गठबंधन टूटा-सड़कों पर प्रदर्शन- माफी मांगी

 एक देश के प्रधानमंत्री का फोन कॉल लीक-तख़्ता पलट की आशंका-सियासी घमासान- गठबंधन टूटा-सड़कों पर प्रदर्शन- माफी मांगी "वड्डा सडावण,वड्डा दुख पावण"- जितने बड़े पद प्रतिष्ठा जिम्मेदारी  या ओहदे में रहेंगे,उतने ही बड़े कष्ट,जिम्मेदारियाँ और दुख भी सहने पड़ेंगे वैश्विक स्तरपर सरकार,शासन, प्रशासन से लेकर समाज़ तक का नेतृत्व करके सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति को हर पग़ पर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर दुनियाँ क़े हर देश की प्रौद्योगिकी ने इतनी उन्नति कर ली है,कि अब हूबहू कृत्रिम मानव एआई कार्यबल, दिमाग, इतना ही नहीं हम अपने दिमाग में क्या सोच रहे हैं वह भी मशीन द्वारा बता दिया जाएगा जैसे मानव जीवन में नई चुनौतियों को उदय कर दिया है मैं एडवोकेट किशनसनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र मानता हूं कि हम प्रौद्योगिकी जीवन की जितनी सुख सुविधाओं का उपयोग करेंगे, तो हमें उससे होने वाले अनेकों हानियों को भी सहने के लिए तैयार रहना चाहिए हम प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में हमेशा पढ़ते रहते हैं इतने लोग लिफ्ट में फंसे...

पी एम श्री हाईस्कूल सादलपुर में योग दिवस पर पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी रामभरोसे वर्मा के सानिध्य में किया योग।

 पी एम श्री हाईस्कूल सादलपुर में योग दिवस पर पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी रामभरोसे वर्मा के सानिध्य में किया योग।                                                                                       ग्यारहवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पी एम श्री हाइस्कूल सादलपुर में प्राचार्य श्रीमती अनीता चिचोलीकर के मार्गदर्शन में एवं पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी एवं कुश कल्याण बोर्ड जिला प्रतिनिधि रामभरोसे वर्मा के सानिध्य में, सरपंच प्रतिनिधि अजय डांगी के विशेष आतिथ्य में, हिन्दू उत्सव समिति सादलपुर के ग्राम प्रभारी संजय सोलंकी तथा विद्यालय स्टाफ एवं छात्र छात्राओं की गरिमा मय उपस्थिति में उत्साह के साथ मनाया गया।  सर्व प्रथम प्रोटोकॉल अनुसार यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी के उद्बोधन के साथ योगासनों का अभ्यास किया गया। तत्पश्चात पतंजलि जिला प्रभारी वर्मा न...

योग प्राचीन भारत की देन, आधुनिक विश्व की ज़रूरत आत्मा और शरीर का महासंगम

 11वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 - एक धरती एक स्वास्थ्य ,योग से विश्व कल्याण, विश्व शांति और स्वास्थ्य की ओर कदम  योग प्राचीन भारत की देन, आधुनिक विश्व की ज़रूरत आत्मा और शरीर का महासंगम  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025-वैश्विक एकता की ओर बढ़ता भारत का आध्यात्मिक उपहार-200 से अधिक देशों की अभूतपूर्व वैश्विक भागीदारी से होगा वैश्विक संगम-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर सर्वविदित है कि भारत आदि अनादि काल से ही योग का गढ़ रहा है,करीब 5000 वर्ष पुरानी भारतीय परंपरा से निकली योग की विद्या आज वर्ल्ड वाइस मूवमेंट का हिस्सा बन गई है।आधुनिक दुनियाँ में पूरा विश्व अब योग की अहमियत समझ चुका है व इसका सटीक असर भी दिखाई दे रहा है। इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" है। 2025 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि यह इस वैश्विक उत्सव की 11वीं वर्षगांठहै।इसके अलवा इस वर्ष के उत्सव में 10 हस्ताक्षर कार्यक्रम शामिल हैं, जिनमें प्रमुख कार्यक्रम, 'योग संगम' शामिल है, जो पूरे भारत में 1,00,000...

विश्व शरणार्थी दिवस 20 जून 2025 - मान्यता के माध्यम से एकजुटता

 विश्व शरणार्थी दिवस 20 जून 2025 - मान्यता के माध्यम से एकजुटता  वैश्विक बदलते परिपेक्ष में ज़बरन स्वार्थी पलायन शरणार्थी बनाम भय उत्पीड़न हिंसा व पर्यावरणीय  जलवायु परिवर्तन पीड़ित शरणार्थी दुनियाँ की बदलती परिस्थितियों से क्या अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी सम्मेलन 1951व इसके प्रोटोकॉल 1967 के संशोधन की ज़रूरत नहीं?भारत के ऑपरेशन पुशबैक व अमेरिका के टारगेट @3000 इसके सटीक उदाहरण -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर हर वर्ष विश्व शरणार्थी दिवस 20 जून को मनाया जाता है जिसकी प्रतिवर्ष एक थीम होती है,जो 20 जून 2025 की थीम मान्यता के माध्यम से एकजुटता है।असल में,दुनिया भर में एक बड़ी संख्या में शरणार्थी रहते हैं। इनके साथ आए दिन प्रताड़ना, संघर्ष और हिंसा जैसी कई चुनौतियों के कारण इनको अपना देश छोड़कर बाहर भागने को मजबूर होना पड़ता है। जिसके बाद इन सभी को कईं देशों में पनाह मिल जाती है। वहीं, कई देशों से इनको निकाल भी दिया जाता है। बेशक इन्हें पनाह मिल जाए, लेकिन वो सम्मान और अधिकार नहीं मिल पाते।शरणार्थी के साहस, शक्ति और संकल्प के प्रति सम...

51वें जी-7 शिखर सम्मेलन 15-17 जून 2025 कनाडा में भारत का आगाज़

 51वें जी-7 शिखर सम्मेलन 15-17 जून 2025 कनाडा में भारत का आगाज़ भारत भविष्य में जी-7 का सदस्य बन सकता है,क्योंकि भारत की आर्थिक,राजनीतिक, वैश्विक ताकत तेजी से बढ़ रही है।  भारत की वैश्विक भूमिका- चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों में योगदान,जियो पोलिटिकल महत्व सहित अनेको वैश्विक उपलब्धियों से प्रतिष्ठा बढ़ी-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का डंका पूरी दुनियाँ में बज रहा है,जिसका सटीक उदाहरण अभी 17 जून 2025 को माननीय भारतीय पीएम द्वारा जी-7शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन कनाडा पहुंचे व सम्मेलन अटेंड किया, हालांकि भारत इसका सदस्य नहीं है, फिर भी 2019 से लगातार एक विशिष्टता  से आमंत्रित हो रहे हैं।सम्मेलन में भाग लेकर वैश्विक विकसित देशों से चर्चा कर विश्व को अपने अनुभव साझा कर रहा हैं,ताकि पूरी दुनियाँ की बेहतरीन के लिए बेहतर योगदान दिया जा सके। आज हम  इस विषय पर चर्चा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि हमारे पीएम को जी-7 में आमंत्रित किया गया जिससे हम उन सटीक अंदाज लगा सकते हैं कि, भारत की प्रत...

इजरायल ईरान सैन्य टकराव खतरनाक मोड़ पर पहुंचा-दुनियाँ दो गुटों में बटनें की ओर बढ़ी- तीसरे विश्व युद्ध की आहट?

 इजरायल ईरान सैन्य टकराव खतरनाक मोड़ पर पहुंचा-दुनियाँ दो गुटों में बटनें की ओर बढ़ी- तीसरे विश्व युद्ध की आहट?  इजरायल-ईरान युद्ध में परमाणु हथियारों की चर्चा पर दुनियाँ सहमीँ इजरायल-ईरान दोनों के पीछे खड़ी ताकतों द्वारा अंधा समर्थन बंद कर,समझौते से युद्ध विराम करना जरूरी, वरना यह आग़ मिडल ईस्ट से पूरी दुनियाँ में फैलेगी -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर वर्तमान समय में दो दो देशों में बहुत लंबे समय से चल रहे युद्ध के पीछे चल रही ताकतों को सब जानते हैं, क्योंकि कोई भी देश क़े लिए सिर्फ अपने अकेले के बल पर इतनी ताकत से लंबी लड़ाई लड़ना संभव नहीं है, हालांकि सब जानते हैं कि इन युद्धों के पीछे कौन सी ताकत है खड़ी है? मेरा मानना है कि इन ताकतों को अपने स्टेटस को छोड़कर, दो-दो कदम आगे पीछे होकर मामला उलझा कर युद्ध विराम को प्राथमिकता देना जरूरी है,वरना किसी भी देश ने परमाणु वेपंस के इस्तेमाल की शुरुआत की तो लपेटेमें पूरी दुनियाँ आ जाएगी, जिसका परिणाम हिरोशिमा नागासाकी से भी भयंकर आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।इसलिए मैं एडवोके...