Video बेटमा , मां बाप की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है पंडित लोकेशानंद जी शास्त्री भागवत कथा का दुसरा दिन |
रणजीत मंडलोई,बेटमा
बेटमा, मां बाप की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है यह बात भागवत कथा के दूसरे दिन पंडित श्री लोकेश आनंद जी शास्त्री ने कही | आवास कॉलोनी बेटमा में भागवत कथा का बड़ा आयोजन पुलवामा हमले में शहीद हुए भारत के वीर जवानों के मोक्ष प्राप्ति एवं आत्म शांति हेतु किया जा रहा है |जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर के धर्म लाभ ले रहे हैं |
जीवन की पहली गुरु मां होती है और मां जैसा सिखाती है, बधो वैसा सीखते हैं। इसलिए माताओं को चाहिए कि अपने बच्चौ को संस्कारवान बनाएं।
उन्होंने कथा में समय का महत्व बताते हुए कहा कि समय की कद्र करना सीखें। समय बड़ा बलवान होता है और समय को पलटने में देर नहीं लगती है। उन्होंने कहा कि हम कथा तो सुनते है, पर कथा में हमारा मन भटकता रहता है। कथा में मन भगवान को समर्पित करना होगा। अगर ये मन भगवान को समर्पित हो गया तो तन भी हो जाएगा। मोक्ष की कामना के साथ भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। क्योंकि जो जैसे मन से कथा सुनता है, उसको वैसा पुण्य फल प्राप्त होता है।
पंडित शास्त्री जी ने कहा है कि सेना का जवान रात दिन देश की सुरक्षा में सीमाओं पर तैनात रहते हैं उन्हीं के कारण हम चैन से सौ पाते है | धन्य है ऐसे माता पिता जिन्होंने अपने पुत्रों को हमारी रक्षा के लिए देश की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना में भेजा कथा के पूर्व व्यासपीठ का पूजन अंतिम चौहान द्वारा किया गया एवं कथा के पश्चात प्रसादी वितरण का कार्यक्रम रखा गया जिसमें निलेश चौहान एवं नारायण सिसोदिया की तरफ से प्रसाद वितरित की गई पंडित शास्त्री के भजनों पर भक्त बहुत थिरके |
आयोजन मे श्री गोपाल शारदा, संतोष जी जाट, गोविंद जी चौहान ,भेरू सिंह जी वर्मा, भगवत सिंह जी चौहान, लीलाधर कुशवाहा, सतीश चौहान, नरेंद्र सूर्यवंशी, विक्की पार्षद सहित कई भक्तजन मौजूद रहे| कार्यक्रम शाम 7.30 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि 11.00 बजे तक चल रहा है |



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