बेटमा के श्मशान घाट पर भारी अव्यवस्थाओ की कहानी एडव्होकेट अशोक पांडेय की जुबानी |
दिनांक 04/09/2019 श्मशान जाने का कटु अनुभव:-
(01) तम्बोली मंदिर से गंदगी मिली बदबू के साथ गंदगी मे चलना पड़ा |
(02) इसके बाद जैसे ही श्मशान के अन्दर गया गन्दगी के बीच गाजर
घास |
(03) इसके बाद कुत्तों का झुंड जिनमें कुछ कुत्ते इतने लोगों को देखकर शायद
उनमे इंसानियत का बोध होता है वे बाय पास सड़क पर चले जाते हैं |
(04) एक घोड़ी बन्धी हुई थी
(05) सभा स्थल गंदगी से भरा हुआ था कैसे बैठा जावे लेकिन बैठना पड़ा|
उक्त सभी स्थलों के फोटो भी मैने निकाले हैं जिन्हें आप देखे इस मुक्ति धाम को गंदगी से कब मुक्ति मिलेगी मिलेगी भी या नहीं कहा नहीं जा सकता यह बेटमा है |
दिनांक 04/09/2019 श्मशान जाने का कटु अनुभव:-
(01) तम्बोली मंदिर से गंदगी मिली बदबू के साथ गंदगी मे चलना पड़ा |
(02) इसके बाद जैसे ही श्मशान के अन्दर गया गन्दगी के बीच गाजर
घास |
(03) इसके बाद कुत्तों का झुंड जिनमें कुछ कुत्ते इतने लोगों को देखकर शायद
उनमे इंसानियत का बोध होता है वे बाय पास सड़क पर चले जाते हैं |
(04) एक घोड़ी बन्धी हुई थी
(05) सभा स्थल गंदगी से भरा हुआ था कैसे बैठा जावे लेकिन बैठना पड़ा|
उक्त सभी स्थलों के फोटो भी मैने निकाले हैं जिन्हें आप देखे इस मुक्ति धाम को गंदगी से कब मुक्ति मिलेगी मिलेगी भी या नहीं कहा नहीं जा सकता यह बेटमा है |









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