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Showing posts from December, 2025

नहीं मिला अतिथि विद्वानों को उनका वाजिब हक

 नहीं मिला अतिथि विद्वानों को उनका वाजिब हक :- ' एक तरफ घोषणा कर रहे हैं, दूसरी तरफ फॉलेन आउट ' ' 25 साल से अतिथि के अतिथि बना रखा है '               नियमित पदों के विरुद्ध प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि विद्वान लगातार 25 वर्षों से सेवा दे रहे हैं। इनके लिए सोमवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भोपाल में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि अतिथि विद्वानों के लिए हम हरियाणा मॉडल लाएंगे। इस पर विभाग काम कर रहा है। लेकिन उसी दिन शाम को उच्च शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी में 160 व भूगोल विषय में 23 पदों पर सहायक प्राध्यापक भर्ती 2022 से चयनितों के आदेश जारी कर दिए। जिससे अतिथि विद्वानों को फॉलेन आउट होकर बेरोजगारी झेलना पड़ेगी। इससे पहले भी इतिहास, हिंदी आदि विषयों की नियुक्ति से अतिथि विद्वान फॉलेन आउट का दंश झेल चुके हैं। सहायक प्राध्यापक भर्ती 2024 में 25 प्रतिशत आरक्षण एक वर्ष अनुभवी व 25 वर्ष अनुभवी को एक जैसा देने से पुराने अतिथि विद्वानों का चयन नहीं हो सका है। वास्तव में पूर्व शिवराज सरकार में इनकी महापंचायत आयोजित हुई थी। जिसमें इन्...

नववर्ष 2026-व्यक्तिगत आकांक्षाओं से राष्ट्रीय संकल्प तक-वैश्विक जिम्मेदारी की ओर बढ़ता भारत- करना है ऐसा धमाल- दुनियाँ कहे वाह रे भारत माता के लाल!

 नववर्ष 2026-व्यक्तिगत आकांक्षाओं से राष्ट्रीय संकल्प तक-वैश्विक जिम्मेदारी की ओर बढ़ता भारत- करना है ऐसा धमाल- दुनियाँ कहे वाह रे भारत माता के लाल! 2026 नया वर्ष केवल मेरे लिए क्या बेहतर होगा,का प्रश्न नहीं, बल्कि मैं अपने राष्ट्र के लिए क्या बेहतर कर सकता हूँ का भी अवसर है। हम वर्ष 2026 में अपने संकल्पों को ईमानदारी से कर्म में बदल पाए, तो न केवल हमारा व्यक्तिगत जीवन बेहतर होगा, बल्कि भारत भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊँचाइयों को छुएगा- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत सहित हर देश में नया वर्ष जब दस्तक देता है, तो वह केवल दीवार पर टंगे कैलेंडर का एक पन्ना नहीं बदलता, बल्कि वह मनुष्य के भीतर सोई हुई उम्मीदों को जगाता है, बीते अनुभवों से उपजी आशंकाओं को सामने लाता है और भविष्य के लिए नए संकल्पों की ज़मीन तैयार करता है। हर व्यक्ति यही कामना करता है कि आने वाला वर्ष उसके जीवन में सुख, सफलता और स्थिरता लेकर आए, किंतु समय की मांग यही है कि 2026 में हम केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्र और मानवता के भविष्य के बारे में भी...

धार नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना में सादलपुर मण्डल के वंचित ग्रामों को शामिल करने हेतु ज्ञापन सौंपा।

 धार नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना में सादलपुर मण्डल के वंचित ग्रामों को शामिल करने हेतु ज्ञापन सौंपा।                                                                                           विगत दिवस इन्दौर में अखिल भारतीय कुशवाह महासभा इन्दौर के विराट परिचय सम्मेलन के मुख्य अतिथि एअर पोर्ट पर पधारे ग्वालियर सांसद महोदय एवं पूर्व खाद्य प्रसंस्करण एवं नर्मदा घाटी के मंत्री माननीय भारत सिंह जी कुशवाह का भव्य स्वागत  कुशवाह महिला महासभा राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती राधा कुशवाह के नेतृत्व में अखिल भारतीय कुशवाह महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामभरोसे वर्मा कुशवाह,सतीश कुशवाह, निःशुल्क सा वि समिति के अध्यक्ष बलराम कुशवाह, पूर्व युवा मोर्चा भा ज पा के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप मौर्य, ओंकारेश्वर धर्मशाला के अध्यक्ष डॉ मुरलीधर कुशवाह, सहित बड़ी संख्या में सम...

सादलपुर के रामगोपाल वर्मा 'पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय' की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य नियुक्त

सादलपुर के  रामगोपाल वर्मा 'पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय' की हिन्दी सलाहकार समिति में सदस्य नियुक्त सादलपुर (धार): मध्यप्रदेश के धार जिले के लिए गौरव का विषय है कि क्षेत्र के सुप्रसिद्ध कवि व व्यंग्यकार ,अटल चरित के रचयिता तथा मालवा प्रांत के गौ-सेवा प्रमुख, जैविक खेती के सूत्र धार सादलपुर निवासी रामगोपाल वर्मा कुशवाह को भारत सरकार के 'पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय' की हिन्दी सलाहकार समिति में गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश भारत सरकार के गृह मंत्रालय (राजभाषा विभाग) द्वारा जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, माननीय गृह राज्य मंत्री की स्वीकृति के बाद यह महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है। इस समिति में देशभर से केवल तीन विद्वानों को सदस्य के रूप में चुना गया है, जिनमें सादलपुर के श्री वर्मा का नाम शामिल होना पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। मंत्रालय के कार्यों में देंगे मार्गदर्शन इस नियुक्ति के बाद श्री वर्मा केंद्रीय मंत्रालय की महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे और सरकारी कामकाज में राजभाषा हिन्दी के प...

भामाशाहों का गौरवपूर्ण योगदान – शिक्षा के मंदिर को नई ऊर्जा

 *भामाशाहों का गौरवपूर्ण योगदान – शिक्षा के मंदिर को नई ऊर्जा* शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेटमा, नगर का सबसे प्राचीन एवं गौरवशाली शिक्षण संस्थान है। इस ऐतिहासिक विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए वर्षों से कक्षों की भारी कमी महसूस की जा रही थी। वर्तमान कक्ष अत्यंत जर्जर एवं अति प्राचीन हो चुके हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ऐसे में नए कक्षों के निर्माण का संकल्प विद्यालय परिवार द्वारा लिया गया। इस संकल्प को साकार करने में जो नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया है,वह है,आदरणीय श्री कैलाशचंद्र जी तिवारी,अधीक्षक SC/ST हॉस्टल, बेटमा ने पूर्व में आपने अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय वंदना तिवारी जी की पुण्य स्मृति में ₹21,000/- का उदार दान प्रदान कर इस पावन कार्य की नींव को सशक्त किया।  जब आपने विद्यालय के व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से यह जाना कि निर्माण कार्य हेतु अभी और सहयोग की आवश्यकता है, तो आपने बिना किसी आग्रह के,स्वयं आगे बढ़कर ₹30,000/- का अतिरिक्त दान प्रदान किया। इस प्रकार आपका कुल योगदान ₹51,000/-हो गया, और आप इस निर्माण कार्य के सबसे बड़े दानदाता (...

इलेक्टोरल ट्रस्ट्स की ओर से चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट्स- भारत की राजनीतिक फंडिंग का पारदर्शी मॉडल या सत्ता-केंद्रित वित्तीय संरचना?- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण

 इलेक्टोरल ट्रस्ट्स की ओर से चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट्स- भारत की राजनीतिक फंडिंग का पारदर्शी मॉडल या सत्ता-केंद्रित वित्तीय संरचना?- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण लोकतंत्र और राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता का प्रश्न- 2024-25 के आंकड़े यह दिखाते हैं कि इलेक्टोरल ट्रस्ट्स मॉडल भी सत्ता संतुलन की समस्या से मुक्त नहीं है सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक के बाद जिस तरह से चंदे का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा दलों, विशेषकर सत्तारूढ़ पार्टी, की ओर केंद्रित हुआ है,वह लोकतंत्र के लिए नए प्रश्न खड़े करता है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों की वित्तीय पारदर्शिता केवल एक प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा से जुड़ा प्रश्न है।चुनाव प्रचार, संगठन विस्तार, मीडिया अभियान और जमीनी स्तरपर कार्यकर्ताओं की गतिविधियों के लिए राजनीतिक दलों को भारी मात्रा में धन की आवश्यकता होती है।यही आवश्यकता राजनीतिक फंडिंग को जन्म देती है। नियमानुसार, राजनीतिक दलों को 20 हज़ार रूपए से अधिक के प्रत्येक चंदे की...

विज़न 2047 की दिशा में केंद्रीय बजट 2026- 27-अमृत काल से विकसित भारत तक की निर्णायक कड़ी - अंतर्राष्ट्रीय समग्र विश्लेषण

 विज़न 2047 की दिशा में केंद्रीय बजट 2026- 27-अमृत काल से विकसित भारत तक की निर्णायक कड़ी - अंतर्राष्ट्रीय समग्र विश्लेषण बज़ट 2026-27 से आम जनता क़ो सस्ती शिक्षा, सस्ता इलाज, रोजगार, स्वास्थ्य सुरक्षा और समावेशी आर्थिक भविष्य क़ी उम्मीद सरकार ने आगामी बजट के लिए जनता से 16 जनवरी 2026 तक सुझाव मांगे हैं,जिसमें आम जनता आर्थिक मुद्दों पर अपनी राय शामिल कर सकते हैं,ताकि बजट बनाने की प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी हो सके -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी  गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत विजन 2047 के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर है, जहाँ देश को स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर एक समृद्ध, समावेशी, नवोन्मेषी और मानवीय मूल्यों से युक्त वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया गया है।इस यात्रा में हर वार्षिक बजट केवल आर्थिक दस्तावेज़ नहीं,बल्कि सामाजिक दिशा- सूचक और राष्ट्रीयप्राथमिकताओं का दर्पण होता है। 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत होने वाला केंद्रीय बजट इसी अर्थ में अत्यंत निर्णायक है,बजट 2026-27 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और वित्त मंत्रालय के गलियारो...

ग्रामीण माहेश्वरी समाज के उमा महेश पंचांग का विमोचन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह संपन्न

 ग्रामीण माहेश्वरी समाज के उमा महेश पंचांग का विमोचन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह संपन्न महु नगर में महेश्वरी स्कूल में विगत दिनों इंदौर ग्रामीण जिला माहेश्वरी सभा एवं इंदौर ग्रामीण जिला माहेश्वरी युवा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में पांचवीं बार श्री उमा महेश पंचांग कैलेंडर का विमोचन समारोह महू, बेटमा, हासलपुर, मानपुर, गौतमपुरा, राउ, मांगलिया, कंपेल से पधारे जिला कार्यकारी मंडल सदस्यों एवं गणमान्य जनों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। स्वागत भाषण ग्रामीण अध्यक्ष श्री गिरधर शारदा द्वारा दिया गया और अपने सत्र की जानकारी दी गई। कैलेंडर में दैनिक उपयोग की आवश्यक जानकारी के अतिरिक्त पंचांग, विभिन्न पदाधिकारी के संपर्क एवं जन्मदिन, दोनों संगठनों के सत्र के कार्यों की चित्रमय झांकी का समावेश किया गया।  इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं का भी सम्मान हुआ। जिसमें मुख्यतः मध्य प्रदेश न्यायिक परीक्षा में प्रथम रैंक लाकर सिविल जज बनी कुमारी भामिनी युगल किशोर राठी,  एवं निस्वार्थ भाव से समाज सेवा कर रहे जगदीश बाहेती का सम्मान किया गया। अतिथि परिचय ग्रामीण सचिव सचिन...

भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन क्या आम भारतीय परिवार भी उसी गति से आगे बढ़ पा रहें है?- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण

 भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन क्या आम भारतीय परिवार भी उसी गति से आगे बढ़ पा रहें है?- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण सस्ती शिक्षा, सस्ता इलाज और कैंसर पर निर्णायक वार ज़रूरी - भारत की असली तरक्की का रास्ता,परिवार केंद्रित नीतियों से होकर गुजरता है? महंगी निजी स्वास्थ्य सेवा:इलाज या आर्थिक तबाही?महंगी होती शिक्षा:सपनों पर भारी फीस-केंद्र सरकार को इसपर नियंत्रण के लिए स्पष्ट नीति बनाना समय की मांग- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत आज जब देश वैश्विक मंचों पर आर्थिक शक्ति, तकनीकी नेतृत्व और कूटनीतिक प्रभाव की बात कर रहा है, उसी समय करोड़ों परिवारों के सामने एक साझा चिंता खड़ी है,बच्चों की शिक्षा कितनी महंगी होगी,बीमारी आने पर इलाज कैसे होगा और कैंसर जैसी भयावह बीमारी से कैसे निपटा जाएगा? यही तीन प्रश्न आज भारत की सामाजिक सच्चाई औरनीति-निर्माण की कसौटी बन चुके हैं।भारत इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में जिस ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, वहां आर्थिक वृद्धि, तकनीकी प्रगति और वैश्विक प्रभाव के साथ-साथ एक बड़ा प्रश्न लगातार उभर रहा है,क्या यह वि...

लाखनसिंह गेहलोत की मेहनत और नवाचार ने रचा इतिहास, दिल्ली में गूंजा इंदौर का नाम

 *लाखनसिंह गेहलोत की मेहनत और नवाचार ने रचा इतिहास, दिल्ली में गूंजा इंदौर का नाम* *मिट्टी से लगन, श्रम से साधना—जब किसान की कर्मठता ने देश का विश्वास जीता* कुछ उपलब्धियाँ शब्दों में नहीं, खेतों में उगती हैं—मिट्टी, पसीने और संकल्प के साथ। जब वर्षों की मेहनत पहचान बन जाती है, तो उसकी गूंज राजधानी दिल्ली तक सुनाई देती है। 23–24 दिसंबर 2025 को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली में आयोजित नवोन्मेषी किसान कॉन्क्लेव में इंदौर जिले की ऐसी ही प्रेरक कहानी पूरे देश के सामने आई—जहाँ खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि समर्पण और कर्म का प्रतीक बन गई। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की स्मृति को समर्पित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के उन किसानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने परंपरागत खेती में नवाचार जोड़कर कृषि को नई दिशा दी। यह आयोजन केवल विचारों का मंच नहीं था, बल्कि धरती से जुड़े परिश्रमी किसानों के अनुभवों और सफल प्रयोगों का उत्सव था—जहाँ वैज्ञानिक दृष्टि, तकनीकी प्रयोग और किसान की निष्ठा एक साथ दिखाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी न...

धार नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना में सादलपुर मण्डल के वंचित ग्रामों को जोड़ने हेतु ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।

 धार नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना में सादलपुर मण्डल के वंचित ग्रामों को जोड़ने हेतु ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।                                                                                                                धार कलेक्ट्रेट परिसर पर संयुक्त पेंशनर एसोसिएशन जिला धार के तत्वावधान में सैकड़ों पेंशनर की उपस्थिति में संगठन के माग पत्र के साथ माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया श्रीमती सावित्री जी ठाकुर के लेटर पैड पर मुख्यमंत्री महोदय को सम्बोधित करते हुए धार कलेक्ट्रेट के अधिकारी महोदया को सादलपुर मण्डल के जो ग्राम पहले बदनावर माइक्रो सिंचाई परियोजना  वंचित रह गये ग्राम सादलपुर,बिजूर,केसूर,हरसोरा, मांचकदा, खिलेड़ी बोदवाड़ा खुर्द, गोविन्द पुरा, गवला, रामपुर, बालोदा, भिड़ोता, जुहाव...

विद्युत मंडल पेंशनर्स द्वारा अपनी पेंशन की गारंटी एवं केंद्र के समानदेय् तिथि से महंगाई राहत हेतु प्रांत के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव को सोपा ज्ञापन।

 विद्युत मंडल पेंशनर्स द्वारा अपनी पेंशन की  गारंटी  एवं केंद्र के समानदेय् तिथि से महंगाई राहत हेतु प्रांत के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव को सोपा ज्ञापन। विद्युत मंडल पेंशनर्स एसोसिएशन एवं सहयोगी प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन धार के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के धार आगमन पर अपनी 2 सूत्रीमांग मांग मध्य प्रदेश विद्युत मंडल संयुक्त मोर्चा ज्ञापन क्रमांक 1 दिनांक 21/11/2025 अनुसार ज्ञापित मांग। 01.विद्युत मंडल के पेंशनर को अपनी पेंशन की गारंटी राज्य शासन के द्वारा दी जावे।02.केंद्र के द्वारा दी जाने वाली समय-समय पर घोषित महंगाई राहत भी राज्य शासन एवं कंपनी द्वारा इस तिथि से दी जावे।इसी प्रकार।पेंशनर की 2सूत्रीमांगा भी इस  दिन करीब 60 पेंशनर साथियों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एक और ज्ञापन जिलाधीश महोदय धार के द्वारा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय धार में श्रीमती आशा परमार डिप्टी कलेक्टर धार कों सोपा गया ।  जिसमें विद्युत मंडल पेंशनर एसोसिएशन  धार के त्रिलोक चंद पटेल अध्यक्ष, अर्जुन सिंह सिसोदिया सचिव ,कैलाश परमार ,जगदीश परमार,लीलाधर यादव,प्रकाश गुप्ता ,क...

शादी और तलाक-पवित्र बंधन से कानूनी संघर्ष तक की यात्रा- फटाफट तलाक-राहत या जल्दबाजी?-एक समग्र विश्लेषण

 शादी और तलाक-पवित्र बंधन से कानूनी संघर्ष तक की यात्रा- फटाफट तलाक-राहत या जल्दबाजी?-एक समग्र विश्लेषण दिल्ली हाईकोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय- म्यूचुअल कंसेंट डिवोर्स के लिए एक वर्ष तक अलग रहने की शर्तअनिवार्य नहीं है हजारों दंपति,वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटते रहते हैं,रिश्तों की भावनात्मक पीड़ा कानूनी तारीखों, वकीलों की फीस और सामाजिक दबावों में और गहरी हो जाती है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत में शादी भारतीय समाज में केवल दो व्यक्तियों का नहीं,बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो जीवन-दृष्टियों का पवित्र मिलन मानी जाती रही है। इसे सात जन्मों का बंधन,संस्कार और धर्म से जोड़कर देखा गया है।इसी कारण तलाक शब्द आज भी भारतीय सामाजिक मानस में दुख,असफलता और विघटन का प्रतीक माना जाता है।परंतु मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि आधुनिक जीवन की जटिलताओं,बदलती सामाजिक संरचना और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती चेतना ने इस पवित्र संस्था की परिभाषा को चुनौती दी है। आज तलाक केवल व्यक्तिगत संबंधों का अंत नही...

लव मैरिज पर माता-पिता की अनुमति अनिवार्य करने की मांग- संविधान,समाज और राज्य के टकराव का समकालीन विमर्श- एक समग्र विश्लेषण

 लव मैरिज पर माता-पिता की अनुमति अनिवार्य करने की मांग- संविधान,समाज और राज्य के टकराव का समकालीन विमर्श- एक समग्र विश्लेषण लव मैरिज के लिए माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य करने की मांग, व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम सामाजिक नियंत्रण की बहस को जन्म देता है लव मैरिज के लिए माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य करने की मांग ने इस निजी अधिकार को एक बड़े संवैधानिक और राजनीतिक विवाद में बदल दिया है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत में विवाह केवल दो व्यक्तियों का निजी निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक पारिवारिक और सांस्कृतिक संस्था माना जाता रहा है। बदलते समय के साथ जब युवा वर्ग ने लव मैरिज को अपनाया,तो यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का प्रतीक बन गई। किंतु हाल के वर्षों में गुजरात, हरियाणा और अब मध्य प्रदेश में लव मैरिज के लिए माता-पिता की अनुमति को अनिवार्य करने की मांग ने इस निजी अधिकार को एक बड़े संवैधानिक और राजनीतिक विवाद में बदल दिया है। यह प्रश्न केवल विवाह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता बनाम सामाजिक नियंत्रण की बहस को जन्म देता है।मैं...