सादलपुर में रंगारंग गरबों, चुनरी यात्रा,यज्ञ, मूर्ति विसर्जन , पुरस्कार वितरण एवं रावण दहन आतिशबाजी के साथ उत्सव सम्पन्न।
सादलपुर में रंगारंग गरबों, चुनरी यात्रा,यज्ञ, मूर्ति विसर्जन , पुरस्कार वितरण एवं रावण दहन आतिशबाजी के साथ उत्सव सम्पन्न।
नगर में नवरात्रि पर्व पर छः स्थानों पर दूर्गा जी की मूर्तियां स्थापित की गई जगह जगह नो दिनों तक रंगारंग गरबों की प्रस्तुति दी गई मुख्य आयोजन नगर के मध्य नवनिर्मित विशाल टीन डोम में आदर्श नवदुर्गा एवं दशरोत्सव समिति माता चौक के तत्वावधान में किया गया। यहां से चुनरी यात्रा दिग्ठान वाली माता के दर पर पहुंची मैया को चुनरी ओढ़ाई गई,उधर शीतला माता मंदिर से चुनरी यात्रा निकाली जाकर लाल बई माता को चुनरी ओढ़ाई गई, हीरानगर अम्बे माता मंदिर से चुनरी यात्रा निकाली जाकर शीतला माता को चुनरी ओढ़ाई गई।
रोजाना सभी जगह रंगारंग गरबों की प्रस्तुतियां दी गई। मन्नतें पूरी होने पर माता के समक्ष तुला दान किया गया।खिचड़ी महाप्रसाद, हलवा महाप्रसाद, केसरिया दूध वितरण किया गया। नवमी को पं हरिओम व्यास के सानिध्य में यज्ञ की आहूतियां यजमान सरपंच श्रीमती धनकुंवर अजय डांगी एवं राठौड़ ने दी।महा आरती उतारी गई। विजया दशमी को दिन में माता जी की मूर्तियों का विसर्जन गाजे बाजे ढोल ढमांके के साथ बागरड़ी नदी में किया गया।माता चौक पर दशहरे की रात्रि आठ बजे से विशाल चलसमारोह के अवसर पर गरबा रमने वाली बालिकाओं को आयोजन समिति के हरिसिंह मिर्ची वाले,दिलीप कुशवाह, महेन्द्र वर्मा, रामसिंह सर,गुलाब कुशवाह, शुभम कुशवाह, अनिल जैन,सतीश चौहान,विवेक वर्मा, ने हजारों श्रृद्धालुओं की उपस्थिति में सम्मान पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया।साथ ही गुरू कृपा मोबाइल सादलपुर के सौजन्य से देवी देवताओं के चित्र जड़ी फ्रेम भी भेंट की गई।
आदर्श रामायण एवं सांस्कृतिक मण्डल सादलपुर के लोक कलाकार रामभरोसे वर्मा के निर्देशन में राम लक्ष्मण वनवासी भेष में सजाये गये। सुसज्जित रथ पर विराजित होकर लंका पर विशाल सेना के साथ समर भूमि की ओर प्रस्थान किया। आगे आगे ट्राले पर धार के राधे राधे लोक नृत्य दल की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया माता चौक पर हजारों श्रृद्धालुओं ने खूब सराहा।
विशाल चल समारोह संकटमोचन हनुमान मंदिर प्रांगण में पहुंचा जहां पर एक्तीस फुट का रावण युद्ध करने को आतुर खड़ा था। जमकर आकर्षक आतिशबाजी के साथ राम जी के अग्नि बाण से धूं धूं कर जल उठा जय जय श्री राम के जय कारों से आकाश गुज उठा। रावण निर्माण कार्य में उपसरपंच प्रतिनिधि लाखनसिंह चौहान,अरूण पटेल,यश चौहान, पीयूष चौहान,समर्थ वर्मा, वैदिक कुशवाह,धीरज कुशवाह,दीपू मण्डलोई रूद्र सौलंकी,आराध्य कामदार,अंशद चौहान एवं साथियों का योगदान रहा।बागरड़ी नदी पर भी रावण दहन किया गया।सभी कार्यक्रमों का संचालन रामभरोसे वर्मा ने किया समिति की ओर से शिवनारायण जाट एवं संतोष कुशवाह ने आभार व्यक्त किया।





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