आधुनिक विकास की आंधी में भारतीय संस्कृति,सभ्यता विरासत पुरातत्व पांडुलिपि को बचाना अत्यंत ज़रूरी भारतीय विज़न 2047 के विकास पथ में विकास के साथ संस्कृति व विरासत पर ज़ोर देना समय की मांग युवाओं को भारतीय संस्कृति, सभ्यता विरासत पांडुलिपि कला, प्रथाओं धरोहर स्मारक के प्रति जागरूकता फैलाना अत्यंत ज़रूरी-एड किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया गोंदिया - वैश्विक स्तरपर दुनियां के हर देश में विकास की एक आंधी सी चल रही है। हर देश वैश्विक वित्तीय मंचों संस्थाओं से अपने देश के लिए धन आवंटित कराने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, ताकि अपने देश को आधुनिकता की दिशा में आगे बढ़ा सकें।भारत ने भी अपना विज़न 2047 रूपी विकसित भारत का विकासपत्र तैयार किया है, जिसमें आगे बढ़ाने की प्लान हमने पूर्ण बजट 23 जुलाई 2024 में भी देखें। परंतु इस बजट में ध्यान देने योग्य बात यह है कि माननीय वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में देश के विकास पथ में विकास और विरासत दोनों पर सरकार के जोर को रेखांकित किया जो ध्यान देने योग्य बात है। वित्तमंत्री ने 2024 के लिए संस्कृत क्षेत्र के लिए 326.93 करोड़, पुरातत्व सर्वेक्...