भारत की आध्यात्मिक पहचान और पवित्र शहर की अवधारणा -पंजाब मॉडल से राष्ट्रीय व वैश्विक दृष्टि तक- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय स्तरीय विश्लेषण
भारत की आध्यात्मिक पहचान और पवित्र शहर की अवधारणा -पंजाब मॉडल से राष्ट्रीय व वैश्विक दृष्टि तक- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय स्तरीय विश्लेषण सिख धर्म की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र तीन शहर अमृतसर की वाल्ड सिटी,श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो पवित्र शहर का दर्जा घोषित पवित्र शहर घोषित करना,एक राज्य की नीति नहीं,बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक प्रशासनिक ढाँचे के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयोग है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - भारत को विश्व स्तर पर जिस पहचान ने सबसे अधिक प्रतिष्ठा दिलाई है, वह उसकी आध्यात्मिक चेतना,आस्था- आधारित जीवन-दृष्टि और धर्म, दर्शन व नैतिकता से जुड़ी सांस्कृतिक परंपरा है।प्राचीन काल से ही भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं रहा,बल्कि एक आध्यात्मिक सभ्यता के रूप में विकसित हुआ है, जहाँ जीवन के भौतिक पक्ष के साथ-साथ आत्मिक शुद्धता,संयम और नैतिक अनुशासन को सर्वोच्च स्थान दिया गया।इसी परंपरा के अंतर्गत देश के अनेक शहर, कस्बे और तीर्थ स्थल ऐसे रहे हैं जिन्हें केवल रहने या व्यापार के केंद्र के रूप में नहीं,बल्कि...