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भारत की आध्यात्मिक पहचान और पवित्र शहर की अवधारणा -पंजाब मॉडल से राष्ट्रीय व वैश्विक दृष्टि तक- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय स्तरीय विश्लेषण

 भारत की आध्यात्मिक पहचान और पवित्र शहर की अवधारणा -पंजाब मॉडल से राष्ट्रीय व वैश्विक दृष्टि तक- एक समग्र अंतरराष्ट्रीय स्तरीय विश्लेषण सिख धर्म की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र तीन शहर अमृतसर की वाल्ड सिटी,श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो पवित्र शहर का दर्जा घोषित पवित्र शहर घोषित करना,एक राज्य की नीति नहीं,बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक प्रशासनिक ढाँचे के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयोग है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - भारत को विश्व स्तर पर जिस पहचान ने सबसे अधिक प्रतिष्ठा दिलाई है, वह उसकी आध्यात्मिक चेतना,आस्था- आधारित जीवन-दृष्टि और धर्म, दर्शन व नैतिकता से जुड़ी सांस्कृतिक परंपरा है।प्राचीन काल से ही भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं रहा,बल्कि एक आध्यात्मिक सभ्यता के रूप में विकसित हुआ है, जहाँ जीवन के भौतिक पक्ष के साथ-साथ आत्मिक शुद्धता,संयम और नैतिक अनुशासन को सर्वोच्च स्थान दिया गया।इसी परंपरा के अंतर्गत देश के अनेक शहर, कस्बे और तीर्थ स्थल ऐसे रहे हैं जिन्हें केवल रहने या व्यापार के केंद्र के रूप में नहीं,बल्कि...

मनरेगा बनाम विकसित भारत रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी रामजी) बिल (ग्रामीण)- अधिकार आधारित कानून से मिशन-आधारित मॉडल तक की यात्रा

 मनरेगा बनाम विकसित भारत रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी रामजी) बिल (ग्रामीण)- अधिकार आधारित कानून से मिशन-आधारित मॉडल तक की यात्रा लोकसभा में जी राम जी बिल पेश-संसद में घमासान मचा - विपक्षी पार्टियों द्वारा इस बिल का पुरजोर विरोध  मनरेगा एक अधिकार आधारित कानून था, जबकि वीबी-जी रामजी बिल को लेकर यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि मिशन मोड में लागू होने वाली योजना बन सकती है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र  गोंदिया - भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था दशकों से संरचनात्मक चुनौतियों, बेरोज़गारी अस्थायी आजीविका और कृषि-आधारित जोखिमों से जूझती रही है। वर्ष 2005 में लागू किया गया महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) इन चुनौतियों के विरुद्ध एक ऐतिहासिक हस्तक्षेप था,जिसने पहली बार ग्रामीण नागरिकों को रोज़गार का कानूनी अधिकार प्रदान किया। अब संसद में पेश किया गया ‘विकसित भारत रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी रामजी) बिल न केवल इस कानून को समाप्त करता है, बल्कि ग्रामीण रोज़गार की अवधारणा को एक नए वैधानिक ढांचे में पुनर्परिभ...

शाहपुरा में किसानों का मेला

 शाहपुरा में किसानों का मेला  उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य पोषित योजना अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं सह भ्रमण कार्यक्रम जिले के उन्नत कृषक लाखनसिंह सीताराम जी गेहलोत के खेत पर आयोजित किया गया  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष भारतसिह पटेल जनपद सदस्य अर्जुनसिंह सोलंकी एवं कल्याण सिंह पटेल थे कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी वासुदेव गेहलोत ने की कार्यक्रम में विषेष अतिथि ग्राम पंचायत शाहपुरा सरपंच अमित पटेल नान्द्रा के सरपंच बहादुर सिंह पटेल गुडर के सरपंच अनिल खेर एवं आसपास के करीब 20 गांवों के 200 सौ से अधिक प्रगतिशील किसानों ने प्रशिक्षण में भाग लिया ।  प्रशिक्षण में कृर्षि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक  डी के मिश्रा जी ने किसानों को प्याज लहसुन ,आलु की फसल के बारे में बीज रोपाई से लेकर भंडारण तक की जानकारी बताई जिसमें किस समय पर कोन सा खाद देना चाहिए एवं किसी समय कोन सी दवाई का स्प्रे करना चाहिए विस्तार से किसानों को समझाया कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी राधेश्याम ट्रेलर ने किसानों को मिट्टी प्रशिक्षण पर जोर दिया एवं समय समय फ...

कैंसर बीमारी का बढ़ता प्रकोप- 21वीं सदी की वैश्विक महामारी- सुप्रीम कोर्ट की हस्तक्षेपकारी भूमिका, एक ऐतिहासिक मोड़-एक समग्र विश्लेषण

 कैंसर बीमारी का बढ़ता प्रकोप- 21वीं सदी की वैश्विक महामारी- सुप्रीम कोर्ट की हस्तक्षेपकारी भूमिका, एक ऐतिहासिक मोड़-एक समग्र विश्लेषण कैंसर बीमारी-भारत की चुनौतियाँ और नीति सुधार की अनिवार्यता आधुनिक जीवनशैली, पर्यावरणीय प्रदूषण, तंबाकू, शराब का बढ़ता सेवन,तनाव और शारीरिक निष्क्रियता से कैंसर अब केवल वृद्धावस्था तक सीमित नहीं रही,कार्यशील आयु वर्ग को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर कैंसर आज केवल एक चिकित्सकीय बीमारी नहीं रह गया है,बल्कि यह वैश्विक स्तरपर मानवसभ्यता के लिए एक गंभीर सामाजिक, आर्थिक औरनीतिगत चुनौती बन चुका है।दुनियाँ के लगभग हर देश में कैंसर मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है और विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इसे नॉन- कम्युनिकेबल डिजीज के सबसे खतरनाक रूपों में गिनती हैं। कैंसर की भयावहता इस तथ्य से समझी जा सकती है कि यह मानवीय शरीर पर विभिन्न स्वरूपों में हमला करता है कभी फेफड़ों के रूप में, कभी स्तन, सर्वाइकल, प्रोस्टेट, लिवर या रक्त कैंसर के रूप में,और कई बार तब तक ...

विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 और समय- आधारित (टाइम-ऑफ़-डे) टैरिफ-नियम, नीति और राष्ट्रीय ऊर्जा सुधार की नई दिशा-एक समग्र अंतरराष्ट्रीय- स्तरीय विश्लेषण

 विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 और समय- आधारित (टाइम-ऑफ़-डे) टैरिफ-नियम, नीति और राष्ट्रीय ऊर्जा सुधार की नई दिशा-एक समग्र अंतरराष्ट्रीय- स्तरीय विश्लेषण टाइम-ऑफ-डे टैरिफ वह व्यवस्था है जिसमें बिजली की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि बिजली किस समय उपयोग की जा रही है   विज़न 2047 में टाइम-ऑफ-डे टैरिफ व्यवस्था भारत को न केवल ऊर्जा दक्ष बनाएगी, बल्कि उसे वैश्विक ऊर्जा संक्रमण की मुख्यधारा में भी स्थापित करेगी- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत का बिजली क्षेत्र अब एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।दशकों तक देश में बिजली बिलिंग की प्रणाली मुख्यतःयूनिट-आधारित रही, जहाँ उपभोक्ता द्वारा खपत की गई कुल बिजली के आधार पर शुल्क तय होता था,समय का कोई विशेष महत्व नहीं होता था। किंतु बदलती ऊर्जा आवश्यकताओं बढ़ती मांग, नवीकरणीय ऊर्जा केविस्तार और ग्रिड प्रबंधन की जटिलताओं ने इस परंपरागत मॉडल को अप्रासंगिक बना दिया है।इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार और विद्युत नियामक संस्थाओं ने समय आधारित बिजली टैरिफ (टाइम ऑफ़ डे टैरिफ़) को लागू करने का संभावित निर...

ऑस्ट्रेलिया का ऐतिहासिक सोशल मीडिया प्रतिबंध- बचपन की सुरक्षा, डिजिटल भविष्य और वैश्विक सबक -भारत के लिए एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण

 ऑस्ट्रेलिया का ऐतिहासिक सोशल मीडिया प्रतिबंध- बचपन की सुरक्षा, डिजिटल भविष्य और वैश्विक सबक -भारत के लिए एक समग्र अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध ऑस्ट्रेलिया का बचपन बचाओ आंदोलन-दुनियाँ के लिए उदाहरण  बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध-बचपन बचाओ आंदोलन है, जिसे आधुनिक समाज में डिजिटल प्रदूषण,गलत कंटेंट, हिंसक वीडियो और हानिकारक एल्गोरिद्म्स के बीच बच्चों के लिए एक सुरक्षा कवच- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर दुनियाँ क़ी राजनीति में जहाँ अक्सर देशों के बीच सैन्य तनाव,आर्थिक प्रतिस्पर्धा, रणनीतिक गठबंधनों और भू- राजनीतिक बदलावों का बोलबाला रहता है, वहीं ऑस्ट्रेलिया ने एक ऐसा साहसिक कदम उठाया है,जिसने अंतरराष्ट्रीय विमर्श को बच्चों की सुरक्षा,डिजिटल बाल-नीति और तकनीकी दुरुपयोग की ओर मोड़ दिया है।यह फैसला किसी युद्ध, प्रतिबंध या व्यापार विवाद से नहीं उपजा,बल्कि यह सीधे-सीधे हमारे परिवारों,हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों की मानसिक -सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया ने दुनियाँ में पहली बार 16 वर्ष से कम...

बरवाड़ा स्टेशन पर जयपुर इंदौर ट्रेन के ठहराव की मांग को लेकर इन्दौर सांसद को सौंपा ज्ञापन

 बरवाड़ा स्टेशन पर जयपुर इंदौर ट्रेन के ठहराव की मांग को लेकर इन्दौर सांसद को सौंपा ज्ञापन  चौथ का बरवाड़ा।  चौथ माता के प्रति जिला क्षेत्र में ही नहीं अपितु राजस्थान प्रदेश के अन्य राज्यों के लोगों में भी गहरी आस्था है। प्रतिदिन चौथ माता के हजारों श्रद्धालु घर परिवार और क्षेत्र में खुशहाली की कामना को लेकर पैदल, कनक दंडवत या निजी वाहनों सहित रेल बस से यात्रा करते हुए आते हैं और मंदिर में पहुंचकर ढोक लगाते हैं।  इसी के चलते मध्य प्रदेश के सबसे सुंदर शहर इंदौर के अखिल भारत वर्षीय नाथ समाज के प्रदेश महासचिव लेखराज योगी के परिवार की चौथ माता से गहरी आस्था जुडी हुई हैं। वे जत्थों के रूप में वर्ष में कई बार इंदौर से चौथ का बरवाड़ा मां के दर्शन के लिए आते हैं। उनका कहना है कि इंदौर से सीधे चौथ का बरवाड़ा आने का सीधा साधन रेल है और वें साप्ताहिक जयपुर इंदौर ट्रेन से सफर कर जिला मुख्यालय सवाई माधोपुर पहुंचते हैं क्योंकि जयपुर इंदौर ट्रेन का चौथ का बरवाड़ा में ठहराव नहीं है।  उन्होंने चौथ का बरवाड़ा रेलवे स्टेशन पर जयपुर इंदौर ट्रेन का ठहराव नहीं होने के चलते होने वाली प...