सादलपुर में श्रीमद्भागवत कथा का तृतीय दिवस सम्पन्न।
दंतोडिया पीठाधीश्वर पं सत्यनारायण पाठक के सानिध्य में परम पूज्या राष्ट्रीय कथा वाचिका ममता दीदी पाठक दंतोडिया के श्रीमुख से आयोजित सात दिवसीय संगीत मय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन सादलपुर जुहावदा के मध्य में किया गया जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान, वैराग्य एवं धर्ममय जीवन का अनुपम संदेश प्राप्त हुआ। दीदीश्री ने अपनी ओजस्वी वाणी, प्रभावशाली शैली एवं भावपूर्ण प्रवचनों से श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य प्रसंगों का ऐसा सजीव वर्णन किया कि संपूर्ण कथा पंडाल भक्तिरस से भावविभोर हो उठा। भजनों की आनंद में डूब गए।
दीदीश्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्त और भगवान के अटूट प्रेम, कर्म की महत्ता, सत्य के मार्ग पर चलने तथा जीवन में संस्कारों एवं सदाचार को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने समझाया कि श्रीमद्भागवत केवल कथा श्रवण का ग्रंथ नहीं, अपितु मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शन है। भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा, निष्काम भक्ति एवं समर्पण से ही जीवन में वास्तविक शांति और आनंद की प्राप्ति होती है।दीदीश्री की ओजस्वी वाणी, विलक्षण वक्तृत्व कला एवं भावपूर्ण कथा शैली ने श्रोताओं के हृदय पर अमिट छाप छोड़ी। उनके मुखारविंद से निःसृत श्रीहरि की महिमा और भक्ति के अमृतमय संदेश ने श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म एवं संस्कारों के पथ पर चलने की प्रेरणा दी।
कथा के प्रत्येक प्रसंग में भक्ति की गहराई, ज्ञान की गंभीरता और जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा समाहित रही।
इस प्रकार पूज्या ममता दीदी पाठक जी की श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक चेतना, भक्तिभाव एवं आत्मिक आनंद का अनुपम अवसर बनी। पंडित वैभव पाठक एवं पं तुषार भार्गव के निर्देश में यजमान भंवरलाल दूध वाले,मानसिंह लाईन मेन ने सपरिवार आरती उतारी।गांव व आसपास के ग्राम से सोयाबीन कटाई के सीजन के बावजूद बड़ी संख्या में नागरिकों एवं मातृ शक्ति की गरिमा मय उपस्थिति रही। महाप्रसाद वितरण किया गया। पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी रामभरोसे वर्मा ने योग संदेश दिया। संगीत पं वैभव पाठक उज्जैन,ओमपाठक, देवेन्द्र बागरी,, यशपाल बारोट,ने दिया, केमरामैन तिलक यादव ने प्रसारण किया।




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