एक सरकारी स्कूल में 7वीं-8वीं कक्षा के 35 बच्चों द्वारा ब्लेड से अपनी कलाई काटने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया- प्रशासनिक जवाबदेही, नियमित निरीक्षण और अंतरराष्ट्रीय मानकों की अनिवार्यता
एक सरकारी स्कूल में 7वीं-8वीं कक्षा के 35 बच्चों द्वारा ब्लेड से अपनी कलाई काटने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया- प्रशासनिक जवाबदेही, नियमित निरीक्षण और अंतरराष्ट्रीय मानकों की अनिवार्यता भारत में स्कूली बच्चों की सुरक्षा -शिक्षा से आगे बढ़कर जीवन की रक्षा का राष्ट्रीय और वैश्विक दायित्व शिक्षा विभाग नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करे, कलेक्टर औचक निरीक्षण करें,मुख्यमंत्री स्वयं समीक्षा करें व समाज सक्रिय भागीदारी निभाए -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया - वैश्विक स्तरपर भारत 142 करोड़ से अधिक आबादी वाला विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है। इतनी विशाल जनसंख्या में करोड़ों बच्चे प्रतिदिन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं। स्कूल केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण, सामाजिकविकास और भविष्य की नींव का आधार होते हैं। ऐसे में स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई घटनाएँ चाहे वह छत्तीसगढ़ के धमतरी जैसी दर्दनाक घटना हो या अन्य राज्यों में स्कूल परिसरों मे...